जिया खान के बाद टीवी की बालिका वधु के इस दुनिया से जाने की खबर १ अप्रैल को मिली। पहले तो विश्वास ही नहीं हुआ की ये सच है न्यूज़ चैनल पर खबर देखने के बाद भी यही लगा कि अप्रैल फूल बना रहे है जब तीन चार न्यूज़ चैनल्स पर एक ही खबर देखि तब यकीन हुआ ये अप्रैल फूल नहीं सच है ऐसा सच जिसने न चाहते हुए भी आँखो में आंसू ल दिए। बालिका बधु से हर घर में अपनी पहचान बनाने वाली अचानक कैसे चली गयी। मन में सौ सवाल उठ रहे है कि क्यों महिला कलाकारों के साथ ही ऐसा हो रहा है कुछ महीनो पहले जिया खान की मौत ने सभी को चौका दिया था और अब प्रत्युषा की मौत ने एक बड़ा सवाल सा खड़ा कर दिया है। प्रत्युषा ने बालिका वधु में आनंदी बनकर न सिर्फ टीवी इंडस्ट्री में अपनी जगह बनायीं बल्कि लाखो लोगो के दिल में भी एक ऐसा स्थान बनाया जिसे कोई और आनंदी भर न सकी। २०१० में बालिका वधु से चर्चित होने वाली प्रत्युषा के लिए आनंदी का किरदार पाना आसान नहीं था तीन बार रिजेक्ट हुई १२ बार लुक टेस्ट हुआ तीन प्रतियोगी में से जनता ने अपनी पसंदीदा प्रत्युषा को चुना उसके बाद झलक दिखला जा, ससुराल सिमर का जैसे कई सीरियल किये और लोगो के दिलो में अपनी जगह बनायीं / १९९१ में जन्मी प्रत्युषा ने मात्र २४ साल में कामयाबी की वो बुलंदिया देखी जिनके दूसरे लोग मात्र सपने ही देखते रहते है कहते है न इंसान इस दुनिया से भले ही चला जाये उसकी यादें कभी नहीं मिटती जिया खान की मौत अभी भी एक मिस्ट्री बनी हुई है ऐसे में प्रत्युषा की मौत कई सवाल खड़े कर देती है क्या ये आत्महत्या है और अगर है तो कारण क्या है बेबाक निडर और साहसी प्रत्युषा क्या आत्महत्या कर सकती है जनवरी में पुलिस वालो पर घर में घुसकर बत्तमीजी करने पर उनके खिलाफ एफ आई आर दर्ज कराकर अपने साहस का परिचय दिया तो आत्महत्या जैसा कदम कैसे उठा लिया या फिर किसी ने आत्महत्या के लिया उकसाया तो नहीं प्रत्युषा के परिचित और दोस्तों के अनुसार प्रत्युषा बहुत साहसी और निडर थी वो आत्महत्या नहीं कर सकती टीवी इंडस्ट्री इस वक्त सदमे में है १ अप्रैल को रात के तीन बजे तक टीवी इंडस्ट्री के जाने माने चेहरे और प्रत्युषा के दोस्त अस्पताल के बाहर खड़े रहे जमशेदपुर जैसे छोटे से शहर से निकलकर मायानगरी में आकर कामयाबी तो पाई लेकिन शायद मायानगरी के मायाजाल से न बच सकी इस दुनिया से तो चली गई छोड़ गयी तो बस अपनी यादें\ प्रत्युषा के परिचित और दोस्तों से पूछताछ की जा रही है अब तो बस आशा है की जिया खान की तरह प्रत्युषा भी इंसाफ से वंचित न रह जाये......
बहुत याद आओगे तुम.. we miss you

No comments:
Post a Comment