हिंदुस्तानी यानि हिंदुत्व की रक्षा करने वाला नागरिक जो अपने हिंदुस्तान के लिए, उसकी सुरक्षा लिए अंग्रेजो तक से युद्ध कर चुका हो या कहे की क र चुका है क्या हिन्दु क्या मुस्लिम सभी ने देश को स्वत्रंत कराने में महत्वपूर्ण योगदान दिया लेकिन आज उस एकता को ना जाने हमने कहा खो दिया आजकल एकता शब्द कही दिखता है तो बस लड़ाई झगडे में कुछ दिन पहले एक हत्या कांड ने हिन्दू मुस्लिम में फिर कही न कही एक लो सी जला दी है जिसमे हर इंसान अपनी इंसानियत छोड़ मजहब के साथ चलना चाहता है
दादरी के बिसहाड़ा गाव का पूरा मामला कुछ न्यूज़ चैनल्स और अखबारों के अनुसार इस प्रकार है जिसकी वजह से हिंदुस्तानी शब्द कही खो सा गया है
दादरी के बिसहाड़ा गाव का निवासी इखलाक वेल्डिंग का काम करता है उसने रात पौने 10 बजे एक काली पिन्नी गाँव के बाहर कूड़े पर फेंक दी ।।
वही दूसरी और कुछ लड़के अपने एक मित्र महेंद्र फौजी जो ट्रेनिंग की छुट्टी काटकर फ़ौज़ में वापिस जाने वाला था उसकी ख़ुशी के शराब पी रहे थे ।।
अचानक से एक कुतिया उस पिन्नी को उठा लायी और उसमे से हड्डियां बाहर आ गयी ।उन लड़को ने देखा तो लंबी हड्डिया देखकर अचरज हुआ । और पूरी पिन्नी को उठाकर डॉक्टर के पास ले गए । उसने कटा हुआ कान देखकर बताया की ये गाय की बछिया है ।
बस गुस्से का पारा न रहा अपना आपा खो चुके वो लड़के चुपचाप हर मुसलमान के घर में तलाशी लेने चले गए । जब इखलाक के घर में गए तो उसने मना किया और कहा की ईद वाला सब सामान ख़त्म कल आना ।लेकिन फिर भी जबरदस्ती करके लड़के अंदर घुस गए ।और फ्रिज खोल दिया जिसमे कुछ खाल और 3 भगोना भरके मांस मिला । बस तभी उस फौजी ने बाप बेटे को गाँव बीच में ले जाकर बाँध मानवता की सारी हदें पार कर बाप बेटे को ऐसे मारा जैसे धोबी कपडे पीटता है । जिससे उनकी हालत गंभीर हो गयी ।और नॉएडा कैलाश हॉस्पिटल में मौत भी। ये तो था एक पक्ष जिसमे ये सामने आया की किस तरह कुछ लड़के कानून को अपने हाथ में लेते है
वही दूसरी और कुछ लड़के अपने एक मित्र महेंद्र फौजी जो ट्रेनिंग की छुट्टी काटकर फ़ौज़ में वापिस जाने वाला था उसकी ख़ुशी के शराब पी रहे थे ।।
अचानक से एक कुतिया उस पिन्नी को उठा लायी और उसमे से हड्डियां बाहर आ गयी ।उन लड़को ने देखा तो लंबी हड्डिया देखकर अचरज हुआ । और पूरी पिन्नी को उठाकर डॉक्टर के पास ले गए । उसने कटा हुआ कान देखकर बताया की ये गाय की बछिया है ।
बस गुस्से का पारा न रहा अपना आपा खो चुके वो लड़के चुपचाप हर मुसलमान के घर में तलाशी लेने चले गए । जब इखलाक के घर में गए तो उसने मना किया और कहा की ईद वाला सब सामान ख़त्म कल आना ।लेकिन फिर भी जबरदस्ती करके लड़के अंदर घुस गए ।और फ्रिज खोल दिया जिसमे कुछ खाल और 3 भगोना भरके मांस मिला । बस तभी उस फौजी ने बाप बेटे को गाँव बीच में ले जाकर बाँध मानवता की सारी हदें पार कर बाप बेटे को ऐसे मारा जैसे धोबी कपडे पीटता है । जिससे उनकी हालत गंभीर हो गयी ।और नॉएडा कैलाश हॉस्पिटल में मौत भी। ये तो था एक पक्ष जिसमे ये सामने आया की किस तरह कुछ लड़के कानून को अपने हाथ में लेते है
दादरी घटना में एक लड़का जिसका नाम राहुल यादव है उसको गोली भी लगी है राहुल यादव ही वह इंसान है जिसका बछड़ा चुरा कर काटा गया है,,
जिस लड़के को गोली लगी उसका कही भी जिकर तक नहीं किया गया कि उसको अख़लाक़ के
लड़के दानिश ने गोली क्यों मारी और गोली अख़लाक़ के मरने से पहले लगी या बाद
मैं? और सबसे बड़ी बात अख़लाक़ के घर हथियार कहा से आये?
क्या इस कहानी को सांप्रदायिक बनाने के लिए सही कहानी को छुपाया गया ताकि धर्म जाति के नाम पर सांप्रदायिक दंगे फैलाये जा सके
अब तो साफ़ साफ़ पता चल रहा है इस कहानी को जान बूझ कर साम्प्रदायिक बनाया गया है मीडिया और कुछ सेक्युलर पार्टियो के द्वारा।
ऐसे घटनाक्रमों को देखकर लगता है जैसे हिंदुस्तानी कही खो सा गया है हिंदुस्तान में रहने वाला हर शख्स हिंदुस्तानी सब को एक जैसे अधिकार दिए गए है तो हिंदुस्तान की मान मर्यादा का दायित्व भी सब के लिए एक सामान है पर न जाने क्यों कुछ धर्म के ठेकेदार अपना कारोबार चलाने के लिए हिंदु स्तानी को दो भागो में बाट देते है जिसका प्रभाव न सिर्फ देश की एकता पर पड़ता है बल्कि बहर के वो दुश्मन देश जो हमेशा हिंदुस्तान को नुकसान पहुचाने में लगे रहते है सक्रिय हो जाते है
क्या इस कहानी को सांप्रदायिक बनाने के लिए सही कहानी को छुपाया गया ताकि धर्म जाति के नाम पर सांप्रदायिक दंगे फैलाये जा सके
अब तो साफ़ साफ़ पता चल रहा है इस कहानी को जान बूझ कर साम्प्रदायिक बनाया गया है मीडिया और कुछ सेक्युलर पार्टियो के द्वारा।
ऐसे घटनाक्रमों को देखकर लगता है जैसे हिंदुस्तानी कही खो सा गया है हिंदुस्तान में रहने वाला हर शख्स हिंदुस्तानी सब को एक जैसे अधिकार दिए गए है तो हिंदुस्तान की मान मर्यादा का दायित्व भी सब के लिए एक सामान है पर न जाने क्यों कुछ धर्म के ठेकेदार अपना कारोबार चलाने के लिए हिंदु स्तानी को दो भागो में बाट देते है जिसका प्रभाव न सिर्फ देश की एकता पर पड़ता है बल्कि बहर के वो दुश्मन देश जो हमेशा हिंदुस्तान को नुकसान पहुचाने में लगे रहते है सक्रिय हो जाते है
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