भगत सिंह अपने समय के कन्हैया कुमार थे. पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर ने जेएनयू में ब्रितानी राज के समय राजद्रोह कानून के शिकार लोगों के नाम गिनाते हुए बयान दिया था शशि थरूर ने कहा "ब्रितानी राज के दौरान राजद्रोह कानून के सबसे बड़े शिकार थे जवाहरलाल नेहरू, महात्मा गांधी, बाल गंगाधर तिलक, एनी बेसेंट".
जब एक छात्रा ने भगत सिंह का नाम लिया तो उन्होंने तुरंत कहा, "भगत सिंह अपने समय के कन्हैया कुमार थे."
कन्हैया कुमार की स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह के साथ बराबरी उनके अपनी ही पार्टी के लोगो पसंद नहीं आई सोमवार को इस मामले के तूल पकड़ते ही कांग्रेस ने थरूर के इस बयान से किनारा कर लिया.पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा, "सिर्फ़ एक ही भगत सिंह हुए हैं. सिर्फ़ एक ही भगत सिंह हैं."कन्हैया कुमार की भगत सिंह से तुलना इस महान स्वतंत्रता सेनानी और अन्य सभी देशभक्तों का अपमान है.
एलएस दशोरा (@lsdashora) ने ट्वीट किया, "कांग्रेस जेएनयू के राष्ट्रविरोधी कन्हैया कुमार से शहीद भगत सिंह की तुलना कर रही है. कांग्रेस पूरी तरह से बेनकाब हो गई."एलएस दशोरा (@lsdashora) ने ट्वीट किया, "कांग्रेस जेएनयू के राष्ट्रविरोधी कन्हैया कुमार से शहीद भगत सिंह की तुलना कर रही है. कांग्रेस पूरी तरह से बेनकाब हो गई."
इस तरह के बयान के बाद शशि थरूर भी अपना बयान बदलते दिखे उन्होंने अपनी सफाई पेश करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य कन्हैया को भगत सिंह के बराबर खड़ा करना नहीं था.

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