
लालू प्रसाद यादव अपनी छोटी बेटी का शगुन लेकर समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव के घर गए हैं. लालू प्रसाद यादव ने अपनी बेटी राजलक्ष्मी का रिश्ता मुलायम सिंह के पोते तेजप्रताप यादव से तय किया है वैसे इसे सियासत की राजनीति को रिश्तेदारी के रंग में रंगने की कवायद में रूप में भी देखा जा सकता है. क्यूंकि एक तरफ जहां बीजेपी के खिलाफ पुराना जनता दल परिवार एकजुट होने की तैयारी कर रहा है वहीं इस नयी रिश्तेदारी से कही न कही ये साफ़ है कि रिश्ते की आड़ में राजनीति की प्लानिंग चल रही है। वैसे मोदी के खिलाफ पहले से ही कई विरोधी दल मोर्चा संभाले हुए है उसपे इस रिश्ते का नया गठबंधन सोने पे सोने पे सुहाग काम किया है इनकी इस कवायत से पार्टी के लोग भी खुश है और परिवार भी। आपको बता दे की इस से पहले भी १९९७ में लालू मुलायम से रिश्ता जोड़ना चाहते थे मगर किन्ही कारणों की वजह से बात नहीं बनी।
जब से मोदी की सरकार बनी है एक दूसरे के विरोधी भी दोस्त बनने लगे है बिहार में लालू-नीतीश और कांग्रेस का महागठबंधन बना और तीन पार्टियों ने विधानसभा उपचुनाव साथ लड़ा. लोकसभा चुनाव में गैर बीजेपी और गैर कांग्रेस मोर्चा बनाने की कवायद फेल होने के बाद बीते नवंबर में 'महामोर्चा' बनाया गया.
वैसे लालू और मुलायम के एक होने से ओबीसी के लोगो को मजबूती मिलेगी और और राजनीति में पिछड़े वर्गों का भी योगदान बढ़ेगा।
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