लिया । जानकारी के मुताबिक, इस टेस्ट के बाद कई बार मजीद का झूठ पकड़ा गया। पूछताछ के दौरान
पता चला कि आईएस का महिलाओं के प्रति व्यवहार बहुत दयनीय और भयावय है यह संगठन महिलाओं को जबरन अपने आईएस के लड़ाकों के साथ सोने और शादी के लिए मजबूर करता था।
उसने इसी साल अगस्त के इराक के मोसुल डैम पर कब्जे के लिए हुई लड़ाई के अलावा भी अमेरिकी और इराकी सेनाओं के खिलाफ कई जगहों पर लड़ाई में हिस्सा लिया था। उसके शरीर पर इन लड़ाइयों के दौरान लगी गोलियों के निशान भी मौजूद हैं। गोलियां लगने के बाद उसे अच्छा इलाज और 2 हजार अमेरिकी डॉलर दिए गए और घर भेज दिया गया।
मजीद ने सुरक्षा एजेंसियों बताया की उसके अलावा ९ लोग और है जो हिंदुस्तान से इराक गए है और अभी भी आईएस से जुड़े हुए है। सूत्रों के मुताबिक मजीद का हिंदुस्तान वापस आना महज इत्तेफाक नहीं है बल्कि अपने साथ हिंदुस्तान के कई नौजवानो को इराक ले जाने का प्लान था। मजीद को वहा जाने का और आईएस से जुड़ने का कोई का कोई पछतावा नहीं है। यदि उसे मौका मिला तो दोबारा इराक जाना चाहेगा। फ़िलहाल इराक से आया ये आतंकी सुरक्षा एजेंसियों की गिरफ़्त में है
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