भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और मुरादाबाद से कांग्रेस के सांसद मोहम्मद अजहरुद्दीन के खिलाफ नया गैर-जमानती वॉरंट जारी किया है। धोखाधड़ी के मामले में दिल्ली की एक अदालत ने अजहरुद्दीन के खिलाफ यह वारंट जारी किया है
शिकायतकर्ता संजय सोलंकी के अनुसार, उन्होंने मुंबई के बांद्रा में संपत्ति खरीदने में अजहरुद्दीन को डेढ़ करोड़ रुपये की मदद की थी। करारनामे के मुताबिक अजहर पेशगी रकम डेढ़ करोड़ रुपये की दोगुनी राशि का भुगतान करने को राजी हुए थे। संजय सोलंकी के वकील का कहना है कि जब अजहर की ढिलाई के कारण सौदा पक्का नहीं हो पाया, तब उन्होंने पेशगी राशि की दोगुनी रकम देने से इनकार कर दिया। अजहर ने सोलंकी के नाम डेढ़ करोड़ रुपये के दो चेक जारी किए, जो बाउंस हो गए। अजहर ने खुद के निर्दोष होने का दावा किया था और अदालत से कहा था कि वह शिकायतकर्ता को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते हैं। उनकी पहली बार अदालत में ही उससे मुलाकात हुई। अजहर ने 21 जुलाई, 2011 को अदालत से कहा था कि उन्होंने करारनामे के मुताबिक उस व्यक्ति को भुगतान कर दिया था, जिसने सौदा तय किया। उन्होंने कहा कि उस व्यक्ति ने बताया कि उसने सोलंकी को रुपये दे दिए हैं। इससे पहले 18 फरवरी को भी अजहर के खिलाफ इसी मामले में कोर्ट में पेश नहीं होने पर वॉरंट जारी हुआ था। दोबारा गैर-जमानती वॉरंट जारी होने के बाद अजहर को गिरफ्तार किया जा सकता है।
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