उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने लखनऊ को हाथियों से भर दिया ।जगह जगह अपनी मुर्तिया बना दी ।जनता के पैसो को पानी की तरह बहा देने वाली मायावती ने केवल दलित स्मारकों और मूर्तियों पर पैसा पानी की तरह बहाया, बल्कि उन्होंने जनता के 86 करोड़ रुपए लखनऊ में अपने 13, मॉल अवेन्यू के बंगले के रेनोवेशन पर भी खर्च किए। जब वह 1995 में पहली बार मुख्यमंत्री बनी थीं। तब मायावती को यह बंगला तब मिला था 2007 में जब मायावती मुख्यमंत्री बनीं, तब इसका रेनोवेशन शुरू हुआ, लेकिन काफी काम उनके मुख्यमंत्रित्व काल के खत्म होने पर हुआ।एक अधिकारी के मुताबिक यदि कुल खर्च जोड़ा जाये तो यह 100 करोड़ रुपए से ऊपर पहुंच सकता है।बंगले की 20 फीट ऊंची चारदीवारी राजस्थान सैंडस्टोन से बनी है। यह बंगला 5 एकड़ में बना है पहले यह केवल 2.5 एकड़ का प्लॉट था। मायावती ने मुख्यमंत्री रहते हुए बगल के प्लॉट पर बने गन्ना कमिश्नर ऑफिस को ढहा कर इसमें जोड़ दिया। मायावती का बाथरूम दर्जनों बार दोबारा बनाया गया।इस बंगले में एक-दूसरे से जुड़े हुए 6 कमरे हैं। ये एक बड़े से कॉरिडोर में खुलते हैं, जहां पर लॉकर्स की कतार है। इस कॉरि़डोर की एक दीवार पर 1995 में मुख्यमंत्री बनने के वक्त की मायावती की बड़ी-सी तस्वीर टंगी हुई है। कॉरिडोर के बाहर एक बरामद है, जिसमें बुलेटप्रूफ ग्लास वाली 2 खिड़कियां हैं। हर खिड़की की कीमत 15 लाख रुपए है।बिल्डिंग में एक कॉन्फ्रेंस हॉल, एक सिक्युरिटी रूम, गैरेज और ड्राइवरों के कमरे हैं। बाहर 20 फीट ऊंची 2 मूर्तियां हैं, एक मायावती की और दूसरी कांशीराम की। इसके बगल में संगमरमर से बनी हाथियों की 5 मूर्तियां हैं।एक अधिकारी ने बताया, 'मेन बिल्डिंग में एक बाथरूम दर्जनों बार दोबारा बनाया गया क्योंकि बहनजी को वह पसंद नहीं आ रहा था।'
इस बात का खुलासा एक आरटीआई के तहत हुआ ।समाजवादी पार्टी (एसपी) के नेता शिवपाल यादव की एक आरटीआई में उन्होंने मायावती के मुख्यमंत्री रहते हुए यह जानकारी मांगी थी। इस जानकारी का जवाब हाल ही में मिला है। एस्टेट डिपार्टमेंट के एक सीनियर अधिकारी ने कहा, 'हम अभी कुल लागत जोड़ रहे हैं। ऐसा लग रहा है कि कुछ खर्च की गई रकम 100 करोड़ रुपए से ज्यादा हो सकती है।'
जहा एक और प्रतिभा पाटिल के पास जुलाई में सेवानिर्व्त हो जाने के बाद रहने का कोई ठिकाना नही है वाही मायावती सिर्फ एक बंगले पर ही 86 करोड़ रुपए खर्च कर चुकी है अपने कार्येकाल में जनता को लूटकर अपना घर भरने वाली मायावती अब शायद ही सत्ता में कभी वो मुकाम पा सके जो अभी तक उनके पास था।अजीब माया है मायावती की,जनता को लूटती गयी और जनता मायावती के गुडगान गाते हुए लूटती रही । जहा एक और बड़े पद पर होते हुए भी एक इंसान के पास रहने के लिए घर तक नही व्ही दूसरी और मायावती माया माया में खेलती रही ।

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