Monday, March 21, 2016
The World news: ये है वजह इनके अलग होने की
The World news: ये है वजह इनके अलग होने की: मलाइका अरोड़ा खान और अरबाज खान के बीच कुछ ठीक नहीं ऐसी बाते कई दिनों से चर्चा में है लेकिन अब सुनने में ये आ रहा है की मलाइका अरबाज़ से त...
ये है वजह इनके अलग होने की
मलाइका अरोड़ा खान और अरबाज खान के बीच कुछ ठीक नहीं ऐसी बाते कई दिनों से चर्चा में है लेकिन अब सुनने में ये आ रहा है की मलाइका अरबाज़ से तलाक लेना चाहती है हालांकि मलाइका ने अभी तक ऐसी कोई वार्तालाप मीडिया से नहीं की है लेकिन हाल ही में हुई अमेज़न फैशन वीक में उनके तलाक को लेकर पूछे गए सवाल को जिस तरह से उन्होंने नजरअंदाज किया वो अंदाज़ बहुुत कुछ कहता है
कुछ हफ्ते पहले ही Mumbai Mirror की रिपोर्ट में बताया गया था कि मलाइका ने जल्द ही अरबाज से तलाक लेने का मन बना लिया है और इस रिपोर्ट में इस बात का खुलासा भी किया गया था कि मलाइका अकेली ही अपने बेटे अरहान का पालन पोषण कर रही हैं. यहां तक कि उसकी पढ़ाई का खर्च भी खुद मलाइका अकेली ही उठा रही हैं.
Bollywood Life रिपोर्ट के मुताबिक, मलाइका को काफी समय से अरबाज के असफल करियर से परेशानी थी. कई सालों से अरबाज का सलमान की छत्रछाया में रहना मलाइका को नागवारा था. कहा तो यह तक जा रहा है कि सलमान खान को उनके ड्रेसिंग सेंस, उनके दोस्तों और कई चीजों को लेकर दिक्कत रहती थी. इन्ही सब बातों को लेकर अरबाज और मलाइका में कई सालों तक अनबन चलती आ रही है, यही वजह है कि मलाइका अब अरबाज से तलाक लेने का मन बना लिया है.
ये सिर्फ कुछ रिपोर्ट्स का कहना है अभी इस पर खान परिवार की और से कोई बात नहीं की गयी है
The World news: आरक्षण दलितों का अधिकार : मोदी
The World news: आरक्षण दलितों का अधिकार : मोदी: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने प्रतिद्वंद्वियों को आड़े हाथ लेते हुए पुरजोर शब्दों में कहा कि दलितों से उनका यह अधिकार कोई नहीं छ...
आरक्षण दलितों का अधिकार : मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने प्रतिद्वंद्वियों को आड़े हाथ लेते हुए पुरजोर शब्दों में कहा कि दलितों से उनका यह अधिकार कोई नहीं छीन सकता।आज पूरी तरह स्पष्ट कर दिया कि दलितों के लिए आरक्षण नीति में कोई बदलाव नहीं होगा।
मोदी ने कहा, ‘ हम जब भी सत्ता में रहे हैं तो दलितों , आदिवासियों के अधिकारियों को कोई नुकसान नहीं हुआ है लेकिन इसके बावजूद लोगों को गुमराह करने के लिए झूठ फैलाया जा रहा है।’ उन्होंने कहा, ‘ जब वाजपेयी प्रधानमंत्री बने , एक अभियान चलाया गया कि आरक्षण को समाप्त कर दिया जाएगा। वह दो कार्यकाल तक प्रधानमंत्री रहे लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।’
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा जैसा कि मैंने पहले भी कहा है कि यदि आज अम्बेडकर भी आ जाएं , तो वह भी आपसे आपका यह अधिकार नहीं छीन सकते । बाबा साहेब के सामने हमारी क्या हस्ती है ।
The World news: मोम के बनेगे केजरीवाल
The World news: मोम के बनेगे केजरीवाल: विश्व प्रसिद्ध मैडम तुसाद संग्रहालय में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपनी जगह बना ली है केजरीवाल इस संग्रहालय में जगह पाने वाले देश ...
मोम के बनेगे केजरीवाल
विश्व प्रसिद्ध मैडम तुसाद संग्रहालय में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपनी जगह बना ली है केजरीवाल इस संग्रहालय में जगह पाने वाले देश के पहले मुख्यमंत्री होंगे उनकी अपनी मोम की प्रतिमा लगाने की सहमति दे दी है। ज्ञात हो कि गत 11 जनवरी को लंदन स्थित मैडम तुसाद संग्रहालय की ओर से केजरीवाल को लिखे पत्र में मोम की आदमकद प्रतिमा लगाने की सहमति मांगी गई थी। हाल ही में केजरीवाल ने इस पर अपनी सहममि दे दी है। केजरीवाल की मोम की हूबहू प्रतिमा अगले साल दिल्ली में शुरू होने वाली संग्रहालय की शाखा में लगाई जाएगी।
इस बीच संग्रहालय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मोम की प्रतिमा लंदन स्थित संग्रहालय में लगाने का फैसला किया है। ज्ञात हो कि एशिया, यूरोप, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के 20 शहरों में मौजूद संग्रहालय की विभिन्न शाखाओं में विश्व प्रसिद्ध हस्तियों की लगी मोम की मूर्तियों में भारतीय शख्सियतों में महात्मा गांधी, इंदिरा गांधी, अमिताभ बच्चन और सचिन तेंदुलकर सहित फिल्म जगत की कुछ अहम हस्तियां शुमार हैं।
मुख्यमंत्री कार्यालय से सोमवार को प्राप्त जानकारी के मुताबिक केजरीवाल ने संग्रहालय की दिल्ली में बनने वाली शाखा में मोम की प्रतिमा लगाने पर रजामंदी दे दी है। प्रत्येक पुतले के निर्माण पर चार महीने का समय और डेढ लाख पाउंड ( करीब डेढ़ करोड़ रुपये) का खर्च आता है। मुख्यमंत्री कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केजरीवाल अपने चिरपरिचित अंदाज में साधारण कपड़ों में बुत में दिखेंगे। चेक की शर्ट, पेंट और शेंडिल पहने केजरीवाल को नमस्कार की मुद्रा में देखा जा सकेगा। इधर पीएम मोदी ने भी हाथ जोड़े हुए मुद्रा में ही अपना पुतला बनाने के लिए नापजोख करवाई है।
The World news: बट गये साथ खड़े रहने वाले
The World news: बट गये साथ खड़े रहने वाले: जौहरी तथा सर्राफा कारोबारी में बिगड़ी आपसी तालमेल या हड़ताल वापस लेने को लेकर बंट गये हैं। जेटली से मुलाकात के बाद अखिल भारतीय रत्न एवं आ...
बट गये साथ खड़े रहने वाले

जौहरी तथा सर्राफा कारोबारी में बिगड़ी आपसी तालमेल या हड़ताल वापस लेने को लेकर बंट गये हैं।जेटली से मुलाकात के बाद अखिल भारतीय रत्न एवं आभूषण व्यापार परिसंघ (जीजेएफ), इंडिया बुलियन एंड जूलर्स एसोसिएशन (आईबीबीजे) तथा रत्न आभूषण निर्यात संर्वधन परिषद ने शनिवार को हड़ताल वापस ले ली। जबकि करीब आधा उद्योग चांदी को छोड़कर अन्य आभूषणों पर लगाये गये एक प्रतिशत उत्पाद शुल्क वापस लेने की मांग को लेकर अपनी हड़ताल 20वें दिन भी जारी रखे हुए है। हालांकि विशेषकर दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ तथा मध्य प्रदेश के स्थानीय संगठन हड़ताल वापस लिये जाने के खिलाफ हैं हड़ताल वापस लिये जाने का विरोध करते हुए आल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के उपाध्यक्ष सुरिन्दर कुमार जैन ने कहा कि जबतक सरकार प्रस्तावित उत्पाद शुल्क वापस नहीं लेती राष्ट्रीय राजधानी में हड़ताल अनिश्चितकाल तक जारी रहेगी।
The World news: नए भगत सिंह हुए पैदा ?
The World news: नए भगत सिंह हुए पैदा ?: भगत सिंह अपने समय के कन्हैया कुमार थे. पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर ने जेएनयू में ब्रितानी राज के समय राजद्रोह कानून के शिकार लोगों क...
नए भगत सिंह हुए पैदा ?
भगत सिंह अपने समय के कन्हैया कुमार थे. पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर ने जेएनयू में ब्रितानी राज के समय राजद्रोह कानून के शिकार लोगों के नाम गिनाते हुए बयान दिया था शशि थरूर ने कहा "ब्रितानी राज के दौरान राजद्रोह कानून के सबसे बड़े शिकार थे जवाहरलाल नेहरू, महात्मा गांधी, बाल गंगाधर तिलक, एनी बेसेंट".
जब एक छात्रा ने भगत सिंह का नाम लिया तो उन्होंने तुरंत कहा, "भगत सिंह अपने समय के कन्हैया कुमार थे."
कन्हैया कुमार की स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह के साथ बराबरी उनके अपनी ही पार्टी के लोगो पसंद नहीं आई सोमवार को इस मामले के तूल पकड़ते ही कांग्रेस ने थरूर के इस बयान से किनारा कर लिया.पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा, "सिर्फ़ एक ही भगत सिंह हुए हैं. सिर्फ़ एक ही भगत सिंह हैं."कन्हैया कुमार की भगत सिंह से तुलना इस महान स्वतंत्रता सेनानी और अन्य सभी देशभक्तों का अपमान है.
एलएस दशोरा (@lsdashora) ने ट्वीट किया, "कांग्रेस जेएनयू के राष्ट्रविरोधी कन्हैया कुमार से शहीद भगत सिंह की तुलना कर रही है. कांग्रेस पूरी तरह से बेनकाब हो गई."एलएस दशोरा (@lsdashora) ने ट्वीट किया, "कांग्रेस जेएनयू के राष्ट्रविरोधी कन्हैया कुमार से शहीद भगत सिंह की तुलना कर रही है. कांग्रेस पूरी तरह से बेनकाब हो गई."
इस तरह के बयान के बाद शशि थरूर भी अपना बयान बदलते दिखे उन्होंने अपनी सफाई पेश करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य कन्हैया को भगत सिंह के बराबर खड़ा करना नहीं था.
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