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Monday, January 23, 2012

महंगा लोन निकालेगा दम या आज होगा कुछ कम


 भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर दुवुरी सुब्बाराव ने मंगलवार को कैश रिजर्व रेश्यो (सीआरआर) घटाकर सबको चौंका सकते हैं। इससे बैंकों के पास ज्यादा पैसा आएगा और लोन सस्ते होंगे।  अभी सीआरआर 6 है और आरबीआई से बैंक 1.2 लाख करोड़ रुपए उधार ले रहे हैं। सेंट्रल बैंक चाहता है कि बैंक 60,000 करोड़ से ज्यादा की उधारी न लें। इसलिए सीआरआर में कमी की गुंजाइश दिख रही है।सीआरआर डिपॉजिट का वह हिस्सा होता है, जो बैंकों को आरबीआई के पास रखना पड़ता है। इस पर उन्हें इंटरेस्ट नहीं मिलता है। हर तीन महीने पर आरबीआई मैक्रो इकॉनमी ऐंड मॉनिटरी डेवलपमेंट्स की समीक्षा करता है। मॉनिटरी पॉलिसी रिव्यू से एक दिन पहले यह रिपोर्ट आती है। इस बार की रिपोर्ट में सेंट्रल बैंक ने कहा है सिस्टम में पैसा बढ़ाने का पसंदीदा रास्ता ओपन मार्केट ऑपरेशंस (ओएमओ) है, लेकिन जरूरत पड़ने पर दूसरे तरीके भी आजमाए जा सकते हैं।
मंगलवार को रीपो रेट में कटौती की उम्मीद बहुत कम एक्सपर्ट कर रहे हैं। आरबीआई इस रेट पर बैंकों को लोन देता है। यह दर अभी 8.5 है। पोद्दार ने कहा, पहले लग रहा था कि आरबीआई जनवरी से रीपो रेट में कमी की शुरुआत कर देगा, लेकिन दिसंबर में कोर (मैन्युफैक्चरिंग) इनफ्लेशन ज्यादा था। अब वह शायद मार्च में रीपो रेट घटाए। इकनॉमिक ग्रोथ कमजोर पड़ने के बावजूद इंटरेस्ट रेट में कमी की शुरुआत होने में कुछ ज्यादा समय लग सकता है।
 पेट्रोलियम प्रॉडक्ट्स और कोयले पर सरकार सब्सिडी देती है। इससे वास्तविक महंगाई दर की सही तस्वीर सामने नहीं आती। घरों के दाम अब भी बढ़ रहे हैं और कई कमोडिटी की डिमांड मजबूत दिख रही है।सितंबर 2011 क्वार्टर में जीडीपी ग्रोथ रेट घटकर 6.9 रहने और इनफ्लेशन के दिसंबर में 7.5 से नीचे आने के बाद इसने जोर पकड़ा है। पिछले दो साल से एवरेज इनफ्लेशन 9 था। हालांकि, महंगाई दर में गिरावट भ्रामक हो सकती है।  ऐसे में महंगाई का भूत फिर लौट सकता है। 

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