एएनएम भंवरी देवी के केस को लेकर सीबीआई कहना है कि केस सुलझा लिया गया है। इस मामले में अहम आरोपी कैलाश जाखड़ को सीबीआई ने मंगलवार देर रात गिरफ्तार किया।भंवरी देवी की हत्या की साजिश राजस्थान के मंत्री महिपाल मदेरणा एवं विधायक मलखान सिंह विश्नोई ने रची थी, क्योंकि भंवरी इन दोनों को ब्लैकमेल करने के साथ ही सीडी सार्वजनिक करने के लिए धमका रही थी। सूत्रों के मुताबिक कैलाश ने पूछताछ में कुबूल किया है कि उन्होंने भंवरी को जालोड़ा गांव के नहरी एरिया में जलाकर खत्म कर दिया है। यह वहीं एरिया है जहां चार दिन पहले सीबीआई ने रिमोट संचालित मिनी हेलीकॉप्टर से भूमिगत तस्वीरें उतारी थी।
कैलाश जाखड़ की निशानदेही पर विशनाराम को आज दोपहर को पुणे में पुलिस ने गिरफ्तार किया, जबकि ओमप्रकाश पांच दिन पहले बाड़मेर में पकड़ा गया था। आज उसकी रिमांड अवधि 9 जनवरी तक बढ़ा दी गई। अब सीबीआई को सभी आरोपी मिले चुके हैं एवं पूरी वारदात से पर्दा उठने में थोड़ा ही समय बचा है।
कैलाश ने पूछताछ के दौरान बताया कि विशनाराम पूना में छुपा हुआ है। इस पर सीबीआई ने महाराष्ट्र सीबीआई व पुलिस से संपर्क साधा एवं विशनाराम को दबोच लिया। सीबीआई ने आज जोधपुर सर्किट हाउस में महिपाल मदेरणा, मलखान सिंह व अन्य दो आरोपियों को आमने-सामने कराया, जिसमें उन्होंने अपराध कबूला है।
सीबीआई के मुताबिक भवरी के पति को उसके अपहरण कि जानकारी पहले भी थी । यह मलखान और अमरचंद कि सोची समझी साजिश थी मलखान से अमरचंद यह सुनिश्चित करने के लिए कहा था कि भंवरी अकेले बिलाड़ा तक आए। वे भंवरी का अपहरण करके उसे 8 सितंबर, 2011 को हुई महापंचायत से दूर रखना चाहते थे

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