अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने अपनी गलती मानते हुए अपनी वेबसाइट पर भारत का नया मैप डाल दिया है अमेरिका ने यह स्वीकार किया की उनसे गलती हुई है जिसका भारत ने जमकर विरोध किया था। जिसमें देश की भौगोलिक सीमाओं पर उसके रुख को दर्शाया गया
विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा कि हमने गड़बड़ की थी और हमने इसे सुधार लिया है और अब हम अपनी मैप बनाने की पॉलिसी के अनुसार चल रहे हैं। अमेरिकी विदेश मंत्रालय और उसकी टै्रवल संबंधित साइटों पर भारत का नया और संशोधित मैप डालने की घोषणा करने के साथ ही उन्होंने यह बयान दिया।
पहले विवादास्पद नक्शे में जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्से को पाकिस्तान के हिस्से के तौर पर दिखाया गया था। उसे भारत की कड़ी आपत्ति के बाद विदेश मंत्रालय ने नवंबर में हटा लिया था। भारत का कहना है कि पूरा जम्मू-कश्मीर भारत का हिस्सा है। नूलैंड ने कहा कि हम आपको यह बात बताकर रोमांचित और राहत महसूस कर रहे हैं कि हमने अपनी वेबसाइट पर संशोधित मैप डाल दिया है।
प्रवक्ता ने कहा कि नक्शे में आप देखेंगे कि यह अमेरिका का जो भौगोलिक रुख रहा है उसके अनुरूप है जिसमें 1972 की नियंत्रण रेखा को टूटी रेखा से दर्शाया गया है जो कश्मीर के अनसुलझे दर्जे को दर्शाता है
चलिए कही तो अमेरिका ने अपनी गलती मानी.
विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा कि हमने गड़बड़ की थी और हमने इसे सुधार लिया है और अब हम अपनी मैप बनाने की पॉलिसी के अनुसार चल रहे हैं। अमेरिकी विदेश मंत्रालय और उसकी टै्रवल संबंधित साइटों पर भारत का नया और संशोधित मैप डालने की घोषणा करने के साथ ही उन्होंने यह बयान दिया।
पहले विवादास्पद नक्शे में जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्से को पाकिस्तान के हिस्से के तौर पर दिखाया गया था। उसे भारत की कड़ी आपत्ति के बाद विदेश मंत्रालय ने नवंबर में हटा लिया था। भारत का कहना है कि पूरा जम्मू-कश्मीर भारत का हिस्सा है। नूलैंड ने कहा कि हम आपको यह बात बताकर रोमांचित और राहत महसूस कर रहे हैं कि हमने अपनी वेबसाइट पर संशोधित मैप डाल दिया है।
प्रवक्ता ने कहा कि नक्शे में आप देखेंगे कि यह अमेरिका का जो भौगोलिक रुख रहा है उसके अनुरूप है जिसमें 1972 की नियंत्रण रेखा को टूटी रेखा से दर्शाया गया है जो कश्मीर के अनसुलझे दर्जे को दर्शाता है
चलिए कही तो अमेरिका ने अपनी गलती मानी.

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