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Sunday, February 12, 2012

अगर सजा हुई तो प्रधानमंत्री पद पर नही रहेंगे गिलानी

अरबी टीवी चैनल अल जाज़ीरा को दिए गए इंटरव्यू में यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने कहा, “मुझे इस्तीफ़ा देने की कोई ज़रुरत नहीं है, अगर मुझे सज़ा हो जाती है तो मैं संसद का सदस्य भी नहीं रहूँगा और निश्चित रुप से प्रधानमंत्री पद पर भी.”पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने कहा है कि उन्हें नहीं लगता कि अदालत की अवमानना के मामले में उन्हें सज़ा होगी. उनका कहना है कि अगर ऐसा हुआ तो वह प्रधानमंत्री पद पर नहीं रहेंगे.
अवमानना का मामला जब प्रधानमंत्री से पूछा गया कि क्या इस मुक़दमे में राष्ट्रपति आसिफ़ ज़रदारी का समर्थन करना ठीक है और क्या वह उनकी नज़र में भ्रष्ट नहीं हैं तो गिलानी ने कहा, “राष्ट्रपति संसद का हिस्सा हैं और वह चुने हुए राष्ट्रपति हैं क्योंकि चारों प्रांतीय विधानसभाओं ने उनके समर्थन में वोट दिया था. उस समय किसी को कोई आपत्ति नहीं थी.”उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ज़रदारी के ख़िलाफ़ राजनीतिक बुनियादों पर मुक़दमे बनाए गए थे और उनपर जो भी आरोप लगे, उन्होंने अदालतों का सामना किया और वह बरी हुए. प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी सोमवार को अदालत की अवमानना के मामले में सुप्रीम कोर्ट में पेश होंगे. माना जा रहा है कि सोमवार 13 फ़रवरी को प्रधानमंत्री पर अदालत की अवमानना के आरोप में अभियोग किया जाएगा.गिलानी पर आरोप हैं कि उन्होंने ज़रदारी के ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार के मामलों की जांच के लिए स्विस अधिकारियों से आग्रह न करके अदालत की अवमानना की है.अदालत ने प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी को 13 फ़रवरी को पेश होने का आदेश भी दिया था.पाकिस्तान में गिलानी सरकार एक तरफ़ न्यायापालिका और दूसरी तरफ़ ताक़तवर सेना के बीच उलझी हुई है.


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