आतंकवादी मोहम्मद अजमल आमिर कसाब ने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया कि उसे सुनाई गई मौत की सजा को उम्र कैद में बदल दिया जाए। मुंबई आतंकी हमला मामले में दोषी ठहराए गए कसाब की उम्र पर जोर देते हुए वकील राजू रामचंद्रन ने नरम रवैया अपनाने का अनुरोध किया। उन्होंने तर्क दिया कि वह गलत विचारधारा और धार्मिक भावना भड़काए जाने के कारण इसमें शामिल हुआ।
कसाब का बचाव करने की खातिर अदालत की सहायता के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त वरिष्ठ वकील राजू रामचंद्रन ने जस्टिस आफताब आलम की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष कहा कि वह राष्ट्र के खिलाफ युद्ध छेड़ने के लिए किसी बड़ी साजिश का हिस्सा नहीं था।
कसाब का प्रतिनिधित्व करते हुए रामचंद्रन ने कहा, 'यहां तक कि मैं आईपीसी की धारा 302 के तहत दोषी भी हूं तो भी यह नहीं कहा जा सकता कि मैं युद्ध छेड़ने के लिए किसी बड़ी साजिश का हिस्सा हूं।' उन्होंने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट के सामने उम्र कैद और अपरिवर्तनीय मौत की सजा का विकल्प है। अति सख्त सजा की पुष्टि करना विवेकपूर्ण नहीं होगा।'
उ
कसाब का बचाव करने की खातिर अदालत की सहायता के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त वरिष्ठ वकील राजू रामचंद्रन ने जस्टिस आफताब आलम की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष कहा कि वह राष्ट्र के खिलाफ युद्ध छेड़ने के लिए किसी बड़ी साजिश का हिस्सा नहीं था।
कसाब का प्रतिनिधित्व करते हुए रामचंद्रन ने कहा, 'यहां तक कि मैं आईपीसी की धारा 302 के तहत दोषी भी हूं तो भी यह नहीं कहा जा सकता कि मैं युद्ध छेड़ने के लिए किसी बड़ी साजिश का हिस्सा हूं।' उन्होंने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट के सामने उम्र कैद और अपरिवर्तनीय मौत की सजा का विकल्प है। अति सख्त सजा की पुष्टि करना विवेकपूर्ण नहीं होगा।'
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thik h badal denge but pehle jin logo ki jaan gyi h unhe jinda kare kasab. abhi tak kyu ruki h sarkar faasi deti kyu nhi h kyu is aatankvadi ki khatirdari kar rhi hai
ReplyDeleteyou r right is kasab ko turant faasi de deni chahiye iski farmayishe kyu puri ki jaye.aatankvadi hai mehman nhi.
ReplyDeletefasi de do kab tak khatirdari karoge.
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