केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (सीएसओ) के मुताबिक, 2010-11 में प्रत्येक भारतीय की आय 53,331 रुपये थी। अब तक जिन राज्यों ने प्रति व्यक्ति आय के आंकड़े भेजे हैं, उनमें दिल्ली सबसे आगे है। उसके बाद पुडुचेरी और फिर हरियाणा का नंबर आता है। चोथे नंबर पर महाराष्ट्र है। इसके बाद सिक्किम, तमिलनाडु, उत्तराखंड और पंजाब हैं। सीएसओ का कहना है कि 2011-12 में प्रति व्यक्ति आय का आंकड़ा 14.3 प्रतिशत बढ़कर 60,972 रुपये रहने का अनुमान है। सीएसओ के अनुसार, आर्थिक विकास दर अगर इस साल कम नहीं होती, तो प्रति व्यक्ति आय का आंकड़ा और ऊंचा होता। चालू वित्त वर्ष में आर्थिक विकास दर 6.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 8.4 प्रतिशत रही थी।
भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जनरल सेक्रेटरी हेमंत गुप्ता का कहना है, बेशक मंुबई में शेयर मार्केट है और वह बिजनेस कैपिटल है। मगर दिल्ली एक तरह से उत्तर भारत का बिजनेस सेंटर है। यहां से इंटरनैशनल बिजनेस होता है। जिसके चलते यहां बिजनेस और रोजगार के ज्यादा अवसर मौजूद हैं। इससे आमदनी बढ़ना वाजिब है।
गोवा, चंडीगढ़, केरल, मध्य प्रदेश ने आधिकारिक रूप से अपने प्रति व्यक्ति आमदनी के आंकड़े अभी तक नहीं भेजे हैं।
भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जनरल सेक्रेटरी हेमंत गुप्ता का कहना है, बेशक मंुबई में शेयर मार्केट है और वह बिजनेस कैपिटल है। मगर दिल्ली एक तरह से उत्तर भारत का बिजनेस सेंटर है। यहां से इंटरनैशनल बिजनेस होता है। जिसके चलते यहां बिजनेस और रोजगार के ज्यादा अवसर मौजूद हैं। इससे आमदनी बढ़ना वाजिब है।
गोवा, चंडीगढ़, केरल, मध्य प्रदेश ने आधिकारिक रूप से अपने प्रति व्यक्ति आमदनी के आंकड़े अभी तक नहीं भेजे हैं।
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