केंद्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ने चुनाव आयोग के नोटिस से घबराकर अपने बोल ही बदल लिए.चुनाव आयोग से दो-दो हाथ करने पर उतारू बेनी ने न सिर्फ अपने बयान बदले बल्कि उनका तो कहना है की उन्हें नहीं पता कि चुनावी रैली के दौरान बुलंद आवाज में क्या-क्या बोल दिया.
बेनी प्रसाद वर्मा ने अपनी रैली के दौरान कहा था कि मुस्लिमों के लिए आरक्षण बढ़ाया जाएगा।चुनाव आयोग चाहता तो कोटा बड़ा सकता था. बेनी ने कहा कि वह पिछले तीन-चार महीने से रोजाना चार-पाच चुनावी सभाओं को संबोधित कर रहे हैं। कभी-कभी किस संदर्भ में वह क्या बात कह जाते हैं, इसका उन्हें ध्यान नहीं रहता। हम चुनाव आयोग का सम्मान करते हैं। वैसे भी मैं कभी कोई अनुचित बात नहीं करता।
चुनाव आयोग ने कहा कि वह इस बात से अवगत थे कि ऐसा बयान देकर वह आचार संहिता का उल्लंघन कर रहे हैं। आयोग ने माना कि उन्होंने जानबूझकर ऐसा किया।चुनाव आयोग ने वर्मा की टिप्पणियों से संबंधित वीडियो रिकार्डिग की जांच कर उन्हें नोटिस जारी कर दिया। बेनी को सोमवार शाम तक जवाब देने को कहा गया है।कानून मंत्री सलमान खुर्शीद के बाद अल्पसंख्यक कोटे पर टिप्पणियों को लेकर वर्मा दूसरे केंद्रीय मंत्री हैं,आयोग ने वर्मा से 20 फरवरी को शाम पाच बजे तक इस बारे में अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा है कि चुनाव आचार संहिता के प्रावधानों के उल्लंघन के लिए उनके खिलाफ क्यों न कार्रवाई की जाए। फर्रुखाबाद में जब बेनी ने विवादास्पद बयान दिया था तो उस समय रैली में काग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह और कानून मंत्री सलमान खुर्शीद भी मौजूद थे।भाजपा का कहना है कि सलमान के बाद वर्मा का इसी मुद्दे पर बयान देना साबित करता है कि कांग्रेसी नेता जानबूझकर चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों का उल्लंघन कर रहे हैं।भाजपा ने बेनी के खिलाफ सख्त करवाई कि मांग क़ी।

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