फिर बोले कानून मंत्री सलमान खुर्शीद रविवार को मुस्लिम आरक्षण पर उन्होंने एक जनसभा में कहा कि पिछड़े मुसलमानों को आरक्षण भले ही अभी चुनावों की वजह से नहीं दिया जा सकता, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद इस पर अमल किया जाएगा। चुनावी दौर में मुस्लिम आरक्षण का जिक्र न करने के चुनाव आयोग के निर्देश के बावजूद खुर्शीद ने शुक्रवार को कहा था कि अगर (आयोग) फांसी भी दे दे तो मैं मुस्लिम आरक्षण बढ़ाने पर जोर देता रहूंगा।
चुनाव आयोग ने शनिवार को राष्ट्रपति से खुर्शीद की शिकायत की तो इस पर खुर्शीद ने रविवार को पत्रकारों से कहा कि इस मुद्दे का चुनावों से लेना-देना नहीं है। यह प्रशासन से जुड़ा मुद्दा है। मैंने वही कहा था, जो कांग्रेस के घोषणापत्र में है।खुर्शीद ने रविवार रात लखनऊ से फोन पर पीएम से बात की और चुनाव आयोग की प्रेजिडेंट से उनकी शिकायत के मुद्दे पर सफाई दी। रिपोर्ट्स के मुताबिक खुर्शीद ने पीएम से कहा कि उनके बारे में जो भी फैसला लिया जाएगा, वह उसे स्वीकार करेंगे।
दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि किसी ने कोई बयान दिया है तो कुछ सोचकर ही दिया होगा। सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री इस पूरे मसले पर विचार करने के लिए सोमवार को बैठक बुला सकते हैं।
इससे पहले,खुर्शीद ने छह से 14 साल के बच्चों को मुफ्त खाना और शिक्षा देने का वादा किया। उन्होंने कहा कि उन लोगों को बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा, जिन्हें मनरेगा के तहत 100 दिन का रोजगार नहीं मिल पाता। जल्द ही कानून बनाकर ऐसे किसानों को सर्कल रेट का छह गुना मुआवजा दिया जाएगा, जिनकी जमीन का अधिग्रहण इंडस्ट्री बसाने के लिए किया जा रहा है।
विपक्ष का कहना है कि प्रधानमंत्री को समय गंवाए बिना खुर्शीद से इस्तीफा ले लेना चाहिए। अगर वह आनाकानी करें तो राष्ट्रपति से उनकी बर्खास्तगी की सिफारिश करनी चाहिए।
विपक्ष का कहना है कि प्रधानमंत्री को समय गंवाए बिना खुर्शीद से इस्तीफा ले लेना चाहिए। अगर वह आनाकानी करें तो राष्ट्रपति से उनकी बर्खास्तगी की सिफारिश करनी चाहिए।

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