वह 76 वर्ष के ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित उर्दू के मशहूर शायर एवं गीतकार शहरयार का अलीगढ़ में
सोमवार को इंतकाल हो गया।शहरयार काफी समय से फेफड़े के कैंसर से पीडित थे।सोमवार रात आठ बजे
उन्होंने अपने निवास पर अंतिम सांस ली।पारिवारिक सूत्रों के अनुसार उन्हें कल शाम अलीगढ मुस्लिम
यूनीवर्सिटी परिसर में सुपुर्देखाक कर दिया जाएगा।उनके परिवार में पत्नी, दो बेटे एवं एक बेटी है। उन्होंने
उमराव जान और गमन फिल्म के लिए गीत लिखे थे जिसमें उन्हें काफी शोहरत मिली थी।उन्हें पिछले वर्ष
ज्ञानपीठ पुरस्कार से नवाजा गया था। उन्हें साहित्य अकादमी पुस्कार के अलावा कई अन्य पुरस्कारों से भी
सम्मानित किया गया था। वह अलीगढ मुस्लिम यूनीवर्सिटी में उर्दू के प्रोफेसर पद से अवकाश ग्रहण करने
के बाद अदब की दुनिया में काफी सक्रिय थे।
अखिल भारतीय प्रगतिशील लेखक संघ और भारतीय ज्ञानपीठ ने उनके इंतकाल पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
सोमवार को इंतकाल हो गया।शहरयार काफी समय से फेफड़े के कैंसर से पीडित थे।सोमवार रात आठ बजे
उन्होंने अपने निवास पर अंतिम सांस ली।पारिवारिक सूत्रों के अनुसार उन्हें कल शाम अलीगढ मुस्लिम
यूनीवर्सिटी परिसर में सुपुर्देखाक कर दिया जाएगा।उनके परिवार में पत्नी, दो बेटे एवं एक बेटी है। उन्होंने
उमराव जान और गमन फिल्म के लिए गीत लिखे थे जिसमें उन्हें काफी शोहरत मिली थी।उन्हें पिछले वर्ष
ज्ञानपीठ पुरस्कार से नवाजा गया था। उन्हें साहित्य अकादमी पुस्कार के अलावा कई अन्य पुरस्कारों से भी
सम्मानित किया गया था। वह अलीगढ मुस्लिम यूनीवर्सिटी में उर्दू के प्रोफेसर पद से अवकाश ग्रहण करने
के बाद अदब की दुनिया में काफी सक्रिय थे।
अखिल भारतीय प्रगतिशील लेखक संघ और भारतीय ज्ञानपीठ ने उनके इंतकाल पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

this is sad
ReplyDelete