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| महासेतु उद्घाटन समारोह |
यह ऐतिहासिक दिन है। यह शब्द है ऊर्जा मंत्री विजेन्द्र प्रसाद यादव के महासेतु के उद्घाटन समारोह के अवसर पर कहे गये। 70 वर्षो के बाद यह इलाका मिलने जा रहा है। इस महासेतु की वजह से स्थायी कृषि, संचार और व्यावसायिक प्रगति होगी। उन्होंने कहा कि उत्तर-पूर्वी कॉरीडोर के साथ संपर्क भी काफी मजबूत होगा। कोसी नदी पर नवनिर्मित इस पुल ने पूरे क्षेत्र में नयी-नयी उम्मीदों को जगाया है।उन्होंने कहा कि आगामी वर्षो में केवल बिहार का ही विकास नहीं, बल्कि सभी क्षेत्रों में प्रगति और समृद्धि के नये-नये द्वार खुलेगा।
उन्होंने कहा कि अब पिछले दिनों की तरह किसी ग्रामवासी को मूलभूत आहार, भोजन, आपूर्ति और सामग्रियां प्राप्त करने के लिए कई-कई धाराएं और रेतीले तल को पार करने में ढेरों कष्ट और बाधाएं नहीं झेलनी पड़ेगी।
भाजपा नेता श्री झा ने कहा सचमुच यह अभूतपूर्व है। इस राजमार्ग व महासेतु से समस्त मिथिलांचल का एकीकरण तो हुआ ही है देश का एक कोना दूसरे कोना से जुड़ गया है। अब मिथिलांचल का सर्वागीण विकास रुक नहीं सकता। सभा में सुपौल व मधुबनी जिला के भाजपा जदयू के अध्यक्ष वरीय पदाधिकारी सहित काफी संख्या में लोग भी उपस्थित थे।इस महासेतु से विकास की एक नई कहानी अब लिखी जाएगी, क्योंकि यह सबसे पीछड़ा इलाका था। अब कोसी की त्रासदी इस इलाके के लोगों को नहीं झेलनी पड़ेगी। जो मार्ग शेष रह गये हैं उसे अविलंब पुननिर्माण कर दुरुस्त कर लिया जायेगा। विकास को और आगे ले जायेंगे। उन्होंने अपने को विकास के प्रति समर्पित बतलाया।

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