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Saturday, February 18, 2012

लखनऊ में चोथे चरण के चुनाव पर सबकी नजर


उत्तर प्रदेश में रविवार को चौथे चरण का मतदान  होगा। यह दूसरा मौका होगा जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जैसे अपने कद्दावर नेता की अनुपस्थिति में अपनी सीट बरकरार रखने की कोशिश में है।इस दिन सबकी नजर मुख्य विधानसभा सीट लखनऊ पर रहेगी,  रविवार को लगभग 1.73 करोड़ मतदाता राजधानी लखनऊ सहित 11 जिलों की 56 सीटों पर कुल 1044 प्रत्याशियों के राजनीतिक भविष्य का फैसला करेंगे। ये जिले हैं हरदोई, उन्नाव, लखनऊ, रायबरेली, फर्रुखाबाद, कन्नौज, बांदा, चित्रकूट, छत्रपति शाहूजी महाराज नगर, फतेहपुर और प्रतापगढ़। 
इस चरण में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया (संसदीय क्षेत्र रायबरेली), पार्टी महासचिव राहुल गांधी (संसदीय क्षेत्र अमेठी) और सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव (संसदीय क्षेत्र कन्नौज) आदि नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर है।  
यह चरण सत्तारूढ़ बसपा के लिए काफी महत्वपूर्ण है। पार्टी ने 2007 के चुनाव में 56 में से 25 सीटें जीती थीं।  पार्टी प्रमुख मायावती सहित अन्य बसपा नेताओं ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इस बार भी ये सीटें बरकरार रखने के लिए ।वर्ष  2007 में हुए विधानसभा चुनाव में लखनऊ शहरी क्षेत्र के सांसद रहे करिश्माई नेता वाजपेयी ने शहर की सभी चार सीटों पर भाजपा को कामयाबी दिलाई थी, जबकि चार ग्रामीण सीटें बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) में बंट गई थी।
चौथे चरण में चार मंत्रियों सहित तमाम दिग्गज नेता मैदान में हैं। मंत्रियों में नकुल दूबे, अब्दुल मन्नान, रामपाल वर्मा और अयोध्या प्रसाद शामिल हैं तो दिग्गज नेताओं में कांग्रेस की अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कलराज मिश्र, केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद की पत्नी लुइस खुर्शीद और निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया शामिल हैं।


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