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Monday, February 20, 2012

देश के कृषि उत्पादन में रिकोर्ड तोड़ वृद्धी:प्रधानमंत्री

सोमवार को प्रधानमंत्री ने कहा की कृषी उत्पादन में वृद्धी हुई है।31 मार्च को 11वीं पंचवर्षीय योजना के अंत तक यह 25 करोड़ टन हो सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार कृषि अर्थव्यवस्था में व्यापक सुधार एवं इसके पुनरुत्थान के लिए काम कर रही है। सरकार ने कृषि की बेहतर पैदावार तथा ग्रामीण आधारभूत संरचना में सुधार के लिए बहुआयामी रणनीति अपनाई है। भारतीय कृषि शोध संस्थान (आईआरए) के स्वर्ण जयंती समारोह को सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि समृद्ध, उपजाऊ तथा सतत कृषि अर्थव्यवस्था देश के सतत व सम्पूर्ण विकास की आधारशिला है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 11वीं पंचवर्षीय योजना के अंत तक खाद्यान्न उत्पादन 25 करोड़ टन से अधिक हो जाने की उम्मीद है, जो सबसे अधिक होगा। 1.8 करोड़ टन के साथ दाल का उत्पादन पहले ही 1.5 करोड़ टन के उत्पादन से अधिक हो चुका है।आज हम अधिक दूध, फल, सब्जियां, गन्ना, तेल, तिहलन तथा कपास का पहले की तुलना में अधिक उत्पादन कर रहे हैं। पिछले साल सब्जियों का उत्पादन 9.57 प्रतिशत रहा और कोल्ड स्टोरेज की क्षमता करीब 20 लाख टन बढ़ाई गई।
उन्होंने कहा कि देश कृषि उत्पादन के क्षेत्र में नए मुकाम पर पहुंच गया है। 11वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान कृषि विकास 3.5 प्रतिशत रहने की सम्भावना है, जो 10वीं पंचवर्षीय योजना से बेहतर रिकॉर्ड है।सरकार की भारत निर्माण, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा), राष्ट्रीय कृषि विकास योजना तथा वर्षा क्षेत्र विकास कार्यक्रम जैसी प्रमुख कृषि योजनाएं का असर दिखने लगा है 


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