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Sunday, February 19, 2012

पत्रकार चंद्रिका राय परिवार हत्याकांड की जाँच करेगा एसटीएफ


एसटीएफ द्वारा की जाएगी पत्रकार चंद्रिका राय व उनके परिवार के चार सदस्यों की निर्मम हत्या की जाच।भोपाल से उमरिया पहुंचे डीजीपी एसके राउत ने  घोषणा की।
 पत्रकार जगत और नागरिकों में आक्रोश व्याप्त है।पत्रकारों ने डीजीपी से मांग की है कि हत्यारों को 24 घण्टे के भीतर पकड़ा जाय। पत्रकारों ने इस सामूहिक हत्या को लेकर मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग रखी। पोस्टमार्टम के बाद शवों को तब तक नहीं उठाने दिया गया जब तक डीजीपी नहीं पहुंच गए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उच्चस्तरीय जांच होगी।डीजीपी  ने कहा कि जिला पुलिस में जल्दी ही फेरबदल होगा। इस बीच पत्रकार चंद्रिका राय, उनकी पत्नी दुर्गा राय, पुत्र जलज तथा पुत्री निशा के शवों का रविवार को उनके गृहग्राम कछरवार में गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।चंद्रिका राय के छोटे भाई मिथलेश ने मुखाग्नि दी। जिले में हुई इस तरह पहली वारदात ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिया। घटना का खुलासा उस समय हुआ जब दिन भर कार्यालय नहीं खुला।बाद में चंद्रिका राय के छोटे भाई मिथलेश राय को सूचना देकर बुलाया गया। जिनकी उपस्थिति में अनहोनी की आंशका पर ताला तोड़कर देखा गया तो चारों की लाशें अलग अलग कमरों में पाई गईं। इसकी सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दी गई। जिसने कार्यालय सहित पूरे घर को शील कर दिया। जबलपुर से आई फारेंसिक दल द्वारा फिंगर प्रिंट लिए गए। खोजी कुत्ते की मदद ली गई।
नगर और जिले भर में आज दिन यही चर्चा रही कि आखिर उनकी किसी से ऐसी क्या दुश्मनी रही कि परिवार का ही सफाया कर दिया। पत्रकार व उनके पूरे परिवार की जिस निर्मम तरीके से हत्या की गई है वह अभी भी रहस्य बनी हुई है। मिलनसार पत्रकार चंद्रिका की किसी से कोई रंजिश की बात भी सामने नहीं आ रही है। 
रहस्य बनी हत्या-पुलिस को भी समझ में नहीं रहा है कि हत्या की क्या वजह हो सकती है। डीजीपी द्वारा मामले की जांच एसटीएफ को सौपने के बाद आशा की जा रही है कि आरोपियों को शीघ्र पकड़ लिया जाएगा।इस सामूहिक हत्याकांड को लेकर जिले भर में दहशत और सन्नाटा पसर गया। 
 

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