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Sunday, February 12, 2012

पोतो और बेटो को यूरोप जाकर पढने को कहा था लादेन

 ओसामा बिन लादेन ने भले ही दुनिया में तबाही मचाई हो,बच्चे बच्चे को आतंकवाद बन्ने की शिक्षा दी हो , आतंकवाद को बढ़ावा दिया हो, लेकिन वह अपने बच्‍चों को इससे दूर रखना चाहता था  अपनी मौत से पहले अपने बच्चों और पोतों को यूरोप और अमेरिका में जाकर अच्छी शिक्षा हासिल करने की सलाह दी थी। ओसामा की पत्नी ने  पाकिस्‍तानी अधिकारियों से अपील की कि ओसामा बिन लादेन और उसके काम के बारे में आप जो भी राय रखें, पर उसके बेटों को तो बख्शें, उन्हें तो ढंग की जिंदगी बिताने दें।  
दुसरे के बच्चो को आतंकवाद का पाठ पढ़ने वाला लादेन नहीं चाहता था कि उसके बेटे पोते उसकी तरह आतंकवादी बनें।24 साल का सदाह पत्रकारिता की पढ़ाई कर रहा है। 
 ऐबटाबाद के ठिकाने में अमेरिकी हमले में लादेन की मौत के बाद से उसके बच्चे सदमे में हैं। सदाह के मुताबिक ऐबटाबाद के ठिकाने में लादेन का जो बच्चा मिला था, उसने नौ महीने तक सूरज तक नहीं देखा था। लादेन की मौत का सबसे ज्याद सदमा उसकी 12 साल की बेटी साफिया को लगा था, जो अमेरिकी सैनिकों के हमले के वक्त अपनी घायल मां के सिर के पास बैठी हुई थी। लादेन की सबसे जवान बीवी अमाल ने लादेन को अमेरिकी सैनिकों से बचाने की कोशिश की थी। इस दौरान उसके पैर में गोली लगी थी। अल सदाह ने शक जताया कि उसकी बहन पर पाकिस्तान के खिलाफ अपराध के आरोप लगाए जा सकते हैं। उसने कहा कि वह बच्चों को यमन ले जाना चाहता है, लेकिन पाकिस्तानी अधिकारी उन्हें जानकारी छुपाने के आरोप में देश से बाहर नहीं जाने दे रहे हैं।   सदाह ने कहा, ' इन बच्चों ने अपने पिता को मरते हुए देखा है। उन्हें इससे उबरने के लिए जेल नहीं, अच्छे माहौल की जरूरत है। उन्होंने कभी सामान्य जिंदगी नहीं जी है। उन्हें बगीचे में घूमने और सूरज को देखने तक का अहसास नहीं है। यह मेरा दिल दुखाता है।' दुसरो के परिवारों को  उजाड़ कर अपने परिवार को आबाद करने वाला लादेन अपने बच्चो और बीवियों को इन सबसे दूर ही रखता था.

1 comment:

  1. ek esa ganda insan hai jo dusro ke baccho ko mott ke ghat utar deta h choti choti umr mei unke haatho mei hathiyar thama dete the or apne baccho ko in sab se hamesha dur rakhte the.

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